Brahma Kumaris Observe UN International Day of Persons with Disabilities

Brahma Kumaris Observe UN International Day of Persons with Disabilities

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Madhya Pradesh
Brahma Kumaris

Indore, Madhya Pradesh: The Brahma Kumaris of Indore observed the United Nations’ International Day of Persons with Disabilities at their Om Shanti Bhawan premises. The Chief Guest at the occasion was Dr. Gurmeet Singh Narang, the founder of Tavleen Foundation.

Dr. Gurmeet Singh Narang, in his address said, “We should never feel that God has done injustice with anyone. Even though some part of the body might be disabled or one might be mentally weak; but each one has some or the other gift. Hence, we need to identify that capability within and make it our strength.” He further added, “A disable is not the one with physical impairment, but the one committing wrong actions despite being physically fit.”

BK Anita, the senior Rajayoga teacher, said, “The program has been organized based on the theme given by the United Nations: ’empowering people with disabilities for an equitable, inclusive and sustainable development’.” She further added, “Rather than the physical weakness, one’s mental obstacles serve as obstacles. There are many exemplary personalities who have contributed immensely to the world despite their physical disabilities, as this body is only a means, the life force is the soul that runs it. If the soul is powerful, it can work such wonders even through a disabled body, which the world calls as ‘miracles’. To perform elevated actions, one does not need a healthy body, but needs a beautiful creative mind, which has been gifted to everybody equally by God.”

Presenting his views, Gyanendra Purohit, Founder, Anand Service Society organization for Deafs and Dumbs, said, “Actions are more powerful than the language of words and these special children ‘do’ rather than saying something. They have a right to live an ordinary life. Everyone must have a sensitive attitude towards them.”

The program was co-ordinated by Dr. Shilpa Desai. The children of the Anand Service Society Organization of Deafs and Dumbs put up a mono-acting to deliver the message discouraging the over-use of mobiles, mixing, drinking and driving etc. For the empowerment of mind, Rajayoga Meditation was explained in sign language.

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हमें कभी यह नहीं समझना चाहिए कि ईश्वर ने किसी के साथ अन्याय किया है। भले किसी के अंदर शारीरिक रूप से किसी अंग की कमी हो या मानसिक रूप से कमजोर हो। लेकिन उसके अंदर भी कुछ न कुछ विशेष योग्यता अवश्य होती है। अतः हमें शारीरिक व मानसिक कमी को न देख अंतर्निहित क्षमता को पहचान कर उसे अपनी ताकत बनाकर आगे बढ़ना है।

उक्त विचार ओमप्रकाश भाईजी सभागृह ज्ञान शिखर ओम शांति भवन में विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में तवलीन फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. गुरमीत सिंह नारंग ने विशेष अतिथि के रूप में रखें। आपने कहा कि विकलांग वह नहीं है जिनके हाथ पैर आँख नहीं है लेकिन विकलांग वह है जो सम्पूर्ण स्वस्थ होते हुए भी जिनके कदम श्रेष्ठ कर्म की ओर अग्रसर नहीं होते हैं।

वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी अनिता ने कहां कि उक्त कार्यक्रम यू एन के द्वारा मिली इस वर्ष की थीम दिव्यांग – समानता, संरक्षण और सशक्तिकरण के अंतर्गत पूरे ब्रह्माकुमरी संस्थान में आयोजित किया जा रहा है। आगे आपने कहा कि शारीरिक अक्षमता से ज्यादा मानसिक अक्षमता हमें आगे बढ़ने से रोकती है। दुनिया में कई ऐसे उदाहरण है जिन्होंने शारीरिक अक्षमता के बावजुद दुनिया को बहुत कुछ दिया है। क्योंकि यह शरीर तो साधन मात्र है किंतु इसको चलाने वाली चैतन्य शक्ति आत्मा अगर शक्तिशाली है तो अक्षम शरीर के द्वारा भी ऐसे अद्भूत कार्य कर सकती है जिसे दुनिया चमत्कार कहती है। क्योंकि श्रेष्ठ कार्य करने के लिए स्वस्थ तन नहीं अपितु सुंदर सकारात्मक मन की आवश्यकता है जो परमात्मा ने सभी को एक समान दिया है।

अपने विचार रखते हुए आनंद सर्विस सोसायटी मुक बधिर संगठन के संस्थापक ज्ञानेन्द्र पुरोहित ने कहां कि मुख की भाषा से ज्यादा ताकत कर्म में है और यह दिव्यांग बच्चे कहने के बजाय करके दिखाते हैं। इन्हें भी समाज में आम आदमी की तरह जीने का अधिकार है। इनके प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना हर इंसान का कर्तव्य होना चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिल्पा देसाई ने किया एवं मानसिक सशक्तिकरण के लिए साईन लेग्वेज में राजयोग मेडीटेशन की विधि बताई गई तथा आनंद सर्विस सोसायटी मुक बधिर संगठन के बच्चों द्वारा मोनोएक्टिंग कर मोबाईल का अधिक उपयोग न करना, शराब पीकर वाहन न चलाना आदि कई संदेश दियें।

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