BK Shivani
जगदम्बा भवन में ‘हीलिंग फ्रॉम विदिन’ पर बी.के. शिवानी दीदी का प्रेरणादायी मार्गदर्शन
बी.के. शिवानी दीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान समय के तमोप्रधान वातावरण में मन को सशक्त बनाकर ही वास्तविक हीलिंग संभव है। उन्होंने कहा, “जैसे माता-पिता अपने बच्चों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते हैं, वैसे ही परमात्मा भी हमारी सहायता के लिए सदैव उपलब्ध हैं। प्रश्न यह है कि हम स्वयं परमात्मा से कितना जुड़ते हैं।” आज विश्व में व्याप्त दर्द और अशांति से मुक्ति के लिए आंतरिक परिवर्तन और सृष्टि-परिवर्तन की आवश्यकता पर उन्होंने विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि पहले मनुष्य कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए मन और शरीर—दोनों से सशक्त था, किंतु आधुनिक साधनों ने जीवन को भले ही सुविधाजनक बनाया हो, मन को कमजोर कर दिया है। तनाव आज अनेक बीमारियों की जड़ बन चुका है। ऐसे में सकारात्मक सोच और राजयोग ध्यान के माध्यम से अपने घर और समाज के वातावरण को परिवर्तित करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उदाहरण देते हुए उन्होंने उस चिड़िया की कथा का उल्लेख किया, जो जंगल की आग बुझाने के लिए अपनी चोंच में समुद्र का जल भरकर आग पर डालती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आत्मा यदि परमात्मा—जो प्रेम, शांति और शक्तियों का सागर हैं—से शक्ति लेकर वातावरण में फैलाए, तो क्रोध, चिंता, भय, ईर्ष्या और नकारात्मकता की अग्नि स्वतः शांत होने लगेगी।
बी.के. शिवानी दीदी ने दैनिक जीवन में अभ्यास हेतु मार्गदर्शन देते हुए कहा कि सुबह का पहला आधा घंटा स्वयं के लिए निकालें, प्रतिदिन छोटे-छोटे पॉज़ लेकर “मैं आत्मा शांत स्वरूप हूँ” का स्मरण करें, सभी के प्रति शुभ भाव रखें और भोजन-पानी को भी परमात्मा की स्मृति में ग्रहण करें। उन्होंने राजयोग ध्यान को आंतरिक प्यूरीफायर बताते हुए इसे सीखने का आग्रह किया।
जगदम्बा भवन की संचालिका बी.के. सुनंदा दीदी ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों का स्नेहपूर्ण स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में राजयोग मेडिटेशन की संक्षिप्त कमेंट्री द्वारा उपस्थित जनसमूह को गहन शांति का अनुभव कराया गया।
इस अवसर पर श्री हर्षवर्धन पाटिल (वरिष्ठ राजनीतिक नेता एवं अध्यक्ष, सहकारी शक्कर महासंघ), श्री निलेश गटने (आईएएस, प्रबंध निदेशक, महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडळ – एमटीडीसी), डॉ. संजय कोलते (आईएएस, आयुक्त – शक्कर, महाराष्ट्र राज्य) सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जगदम्बा भवन के जनक स्टेडियम (एम्फीथिएटर) में हुए इस कार्यक्रम से लगभग 2,500 से भी अधिक नागरिकों ने लाभ लिया।







