Day -10 पितृ पक्ष तर्पण योगदान|| Rajyogi Bk Suraj Bhaiji ||6.00-7.30Pm||30 September||Bk Agartala.
योग से कर्म में कुशलता – बी के सूरज भाई
स्व दर्शन चक्र फिराना – Amritvela Yog Commentary: BK Suraj Bhai
प्रभु मिलन का सुख – सर्वोच्च सुख – बी.के. सूरज भाई
ब्रह्मचर्य के आध्यात्मिक लाभ (Part-4) – बी के सूरज भाई
कर्मयोग का वास्तविक अर्थ – बी के सूरज भाई (विश्वकर्मा जयंती विशेष)
सम्बन्धों में टकराव का सूक्ष्म कारण – बी के सूरज भाई ज्ञान सरोवर
” परमात्म मिलन की सुखद अनुभूति – बी.के. सूरज भाई